जानलेवा बीमारियों की जड़ मधुमेह(डायबिटीज)  को 100 प्रतिशत जड़ से कम करने के घरेलु उपाय

जानलेवा बीमारियों की जड़ मधुमेह(डायबिटीज)  को 100 प्रतिशत जड़ से कम करने के घरेलु उपाय

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परिचय

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय  : मधुमेह  एक मीठा खतरा है। दोस्तों हम सभी जानते हैं कि आजकल के समय में जिस प्रकार की जीवन शैली हम जी रहे हैं वह काफी अस्वस्थ जीवन शैली है। 

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पहले के समय में जिनकी उम्र ज्यादा होती थी अर्थात जो 40 से 50 वर्ष की उम्र से  ज्यादा वाले लोग होते थे उनको यह रोग होता था।

लेकिन आजकल के समय में जिस तरीके की जीवन शैली हम जी रहे हैं उसमें एक छोटा बच्चा भी इस रोग से पीड़ित हो जाता है। और इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा गलत तरीके से रहन-सहन और खान-पान है। 

लेकिन अब इसके लिए अगर कुछ किया जा सकता है तो वह है अपने जीवन शैली को सुधारना और अपने खान-पान का विशेष ख्याल रखना।

आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे जो यह निर्णय नहीं ले पाते हैं कि वह वास्तव में मधुमेह से पीड़ित हैं अथवा नहीं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। 

यहां पर हम आपको विस्तार पूर्वक सब कुछ बता रहे हैं। जिसे आप अगर ध्यान पूर्वक पढ़ते हैं तो यह निर्णय लेने में आप सक्षम हो पाएंगे कि वास्तव में आपके अंदर जो लक्षण दिखाई दे रहे हैं वह शुगर के हैं या नहीं है। 

 अगर वह शुगर के लक्षण है तो आप उनसे किस प्रकार घरेलू उपचार करके बच सकते हैं और उसके खतरे को कम कर सकते हैं। आशा करते हैं कि यहां पर जो भी जानकारी दी जा रही है वह आपकी सहायता कर सके। 

मधुमेह, चयापचय से जुड़ी एक बीमारी है, जो खून में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ा देती है। यह एक मीठा खतरा है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खत्म कर सकता है।

आजकल बच्चों में भी मधुमेह बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण शारीरिक निष्क्रियता, गलत खानपान और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली है।[डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

कारण:

  • अग्न्याशय द्वारा इंसुलिन का कम उत्पादन
  • शरीर द्वारा इंसुलिन का प्रतिरोध अर्थात पूरी तरह से प्रयोग न करना 
  • अनुचित जीवनशैली
  • अनुवांशिकी अर्थात पीढ़ी दर पीढ़ी चलना 

प्रभाव:

  • हृदय रोग
  • स्ट्रोक अर्थात पक्षाघात 
  • गुर्दे की विफलता
  • अंधापन
  • तंत्रिका क्षति

रोकथाम:

  • स्वस्थ आहार
  • नियमित व्यायाम
  • वजन को नियंत्रित रखना
  • धूम्रपान न करना
  • तनाव कम करना अर्थात डिप्रेशन से बचाना 

उपचार:

  • इंसुलिन
  • आयुर्वेदिक अथवा पाश्चात्य दवाएं
  • जीवनशैली में बदलाव

अंतरराष्ट्रीय मधुमेह दिवस:

यह दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है, ताकि लोगों को मधुमेह के बारे में जागरूक किया जा सके।

“मधुमेह से डरें नहीं, इससे लड़ें। क्योंकि यह आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है 

लेकिन अपनी इच्छा शक्ति से आप इसका सब कुछ बिगाड़ सकते हैं। ”

मधुमेह (डायबिटीज ) क्या है? 

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से डायबिटीज , जिसे आयुर्वेद में मधुमेह के नाम से जाना जाता है, एक चयापचय संबंधी विकार है जिसमें खून  में शर्करा (ग्लूकोज) का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। 

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, यह त्रिदोषों (वात, पित्त, और कफ) के असंतुलन के कारण होता है, मुख्य रूप से कफ दोष के प्रभाव के कारण।[डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज ) होने के कारण

पैनक्रियास का प्रभाव का प्रभाव महत्वपूर्ण होता है।  पैनक्रियास, एक महत्वपूर्ण ग्रंथि, इंसुलिन और ग्लूकॉन जैसे हार्मोन का उत्पादन करती है जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करते हैं। 

जब पैनक्रियास ठीक से काम नहीं करता है, तो मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। इसमें इंसुलिन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

इंसुलिन खून से शर्करा को कोशिकाओं में ले जाने में मदद करता है, जो ऊर्जा के लिए इसका उपयोग करती हैं। जब इंसुलिन की कमी होती है, तो शर्करा रक्त में जमा हो जाती है। 

अगर इसको हम और भी आसान भाषा में समझे तो इंसुलिन एक ट्रांसपोर्ट का काम करता है जबकि खून के अंदर शर्करा एक पदार्थ अर्थात माल का काम करती है। 

और जो कोशिकाएं होती हैं वह एक ग्राहक का काम करती हैं।  

हम जानते हैं कि ट्रांसपोर्ट की कमी हो जाती है तो हमारा माल स्टॉक होने लगता है और उसका उपयोग ग्राहक नहीं कर पता है। 

जिसकी वजह से जब माल स्टॉक होने लगता है तो कई सारी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। 

ठीक इसी तरीके से हमारे शरीर के अंदर भी होता है जो इंसुलिन होता है वह एक ट्रांसपोर्ट के रूप में काम करता है।

उसका काम होता है खून के अंदर से शर्करा को ले जाकर कोशिकाओं रूपी ग्राहक को देना। अगर यह काम ठीक से चलता है तो हमारे शरीर में शर्करा का स्तर सामान्य बना रहता है।  

लेकिन जैसे ही किसी कारण वश इंसुलिन शरीर के अंदर बनाना कम हो जाता है यानी कि ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था ठप होने लगती है तो खून के अंदर शर्करा रूपी माल स्टॉक होने लगता है। 

और जब यह स्टॉक होने लगता है तो कोशिकाओं तक माल ना पहुंच पाने की वजह से कोशिकाएं ऊर्जा के रूप में इसका प्रयोग नहीं कर पाती हैं।

और हमारा शरीर दिन प्रतिदिन कमजोर होने लगता है और दूसरे रोग हमारे शरीर को घेरने लगते हैं। 

हम यह भी कह सकते हैं कि यहां पर जो निचोड़ निकलता है वह यह निकलता है कि

 “पेनक्रियाज की खराबी मतलब इंसुलिन का कम उत्पादन और इंसुलिन का कम उत्पादन मतलब शुगर की समस्या।” [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज )  के प्रकार

यह दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

1. टाइप 1 मधुमेह:

  • कारण: इंसुलिन का कम उत्पादन
  • प्रभाव: शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पाता
  • लक्षण: बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, भूख में वृद्धि, थकान, धुंधला नजर आना 
  • उपचार: इंसुलिन इंजेक्शन, जीवनशैली में बदलाव
  • प्रभावित: बच्चे और युवा
  • उपचार: लगभग असंभव
  • नियंत्रण: संभव

2. टाइप 2 मधुमेह:

  • कारण: इंसुलिन प्रतिरोध या कम उत्पादन
  • प्रभाव: शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग कम कुशलता से करता है
  • लक्षण: टाइप 1 के समान, लेकिन धीरे-धीरे विकसित होते हैं
  • उपचार: दवाएं, जीवनशैली में बदलाव
  • प्रभावित: वयस्क
  • उपचार: संभव
  • नियंत्रण: संभव

टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के बीच मुख्य अंतर:

  • इंसुलिन उत्पादन: टाइप 1 में कम, टाइप 2 में कम या प्रतिरोध
  • उम्र: टाइप 1 बच्चों और युवाओं में, टाइप 2 वयस्कों में
  • उपचार: टाइप 1 में इंसुलिन, टाइप 2 में दवाएं और जीवनशैली

मधुमेह (डायबिटीज )होने के लक्षण 

  • बार बार भूख लगना 
  • बार बार प्यास लगना
  • बार बार पेशाब आना
  • हमेशा शरीर में थकावट 
  • शरीर का वजन बढ़ना या कम होना
  • त्वचा से सम्बंधित परेशानियां 
  • बार बार मुँह सूख जाना 
  • शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना 
  • आँखों से धुंधला दिखना 
  • चोट लग जाने पर घाव का जल्दी न भरना 
  • महिलाओं की योनि में कैंडिड इंफेक्शन का होना 
  • हाथ और पैरों में झनझनाहट और जलन महसूस करना 
  • मसूढ़े कमजोर होकर दाँत का ढीला पड़ना 

मधुमेह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें

और पढ़ें : दुर्बल होती नजर की रोशनी और धुंधलेपन को इन उपायों से तेजी से ठीक करें और नजर के चश्मे से छुटकारा पायें

मधुमेह में होने वाले टेस्ट

डॉक्टर मधुमेह का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट करते हैं:

1. ग्लूकोज फास्टिंग टेस्ट (Glucose fasting test):

  • सुबह खाली पेट किया जाता है।
  • यह टेस्ट बहुत सटीक और सुविधाजनक होता है।
  • डायबिटीज का पता लगाने और पहले से मधुमेह वाले मरीजों की निगरानी के लिए किया जाता है।

2. ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (Glucose tolerance test (GTT)):

  • 75 ग्राम ग्लूकोज पानी में मिलाकर पीना होता है।
  • 2 घंटे बाद टेस्ट किया जाता है।
  • उन लोगों के लिए किया जाता है जिनमें डायबिटीज का संदेह है, लेकिन फास्टिंग टेस्ट सामान्य है।

3. एचबीए1सी टेस्ट (HbA1C test):

  • पिछले 2-3 महीनों में रक्त शर्करा के औसत स्तर को दर्शाता है।
  • मधुमेह के उतार-चढ़ाव नहीं दिखाता।
  • टाइप 1 डायबिटीज या गर्भावधि मधुमेह के लिए नहीं किया जाता।

4. रैंडम प्लाज़्मा ग्लूकोज (Random plasma Glucose):

  • नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान किया जाता है।
  • 200 mg/dL या उससे अधिक रक्त शर्करा मधुमेह का संकेत देता है।[डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज ) नियंत्रित  करने के घरेलू उपाय

अगर आपको अपने शरीर के अंदर शुगर के लक्षण नजर आते हैं तो आप तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और उसकी सलाह के अनुसार नीचे बताए गए घरेलू उपाय का भी प्रयोग करें –

मधुमेह (डायबिटीज ) में फायदेमंद तुलसी 

तुलसी के अंदर मौजूद औषधीय तत्व हमारे शरीर की उन कोशिकाओं को ठीक करने का काम करते हैं जो इंसुलिन को सही तरीके से प्रयोग कर शर्करा को ऊर्जा में बदलने का कार्य करती है। 

इसीलिए जो लोग शुगर अर्थात डायबिटीज से पीड़ित है उनको चाहिए कि वह प्रतिदिन खाली पेट सुबह-सुबह दो से तीन पत्ते तुलसी के आवश्य खाएं।  

मधुमेह (डायबिटीज ) में लाभदायक गेहूं का इस्तेमाल 

मधुमेह के रोगियों को चाहिए कि वह चोकर युक्त गेहूं की तो रोटी का सेवन करें।  क्योंकि गेहूं के चोकर में प्रचुर मात्रा में फाइबर भी पाया जाता हैऔर ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो डायबिटीज को कम करने में सहायक होते हैं। 

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

गेहूं के जवारे का ताजा रस निकालकर अगर उसकी आधे कप की मात्रा प्रतिदिन दोनों समय सेवन की जाए तो इससे डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। 

मधुमेह (डायबिटीज ) में लाभदायक है रागी (मड़ुआ) का इस्तेमाल 

मधुमेह के रोगियों को चाहिए कि वह रागी का सेवन किसी भी रूप में यानी चाहें तो रोटी या किसी और तरह से सेवन करें।  क्योंकि रागी प्रचुर मात्रा में फाइबर ,आयरन आदि पाया जाता है और ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो डायबिटीज को कम करने में सहायक होते हैं।

मधुमेह (डायबिटीज ) में बहेड़ा से फायदा

अगर पित्त विकार के कारण मधुमेह की शिकायत हो गई है तो इसमें बहेड़ा का प्रयोग फायदेमंद साबित हो सकता है।  

इसके लिए सबसे पहले बहेड़ा का चूर्ण बना ले। फिर इसकी दो से तीन ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद मिलकर इसका सेवन करें। इससे  पित्त विकार के कारण हुए मधुमेह में लाभ मिलता है।  [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज ) में फायदेमंद है अगरु का प्रयोग 

अगरु की लकड़ी ,शुद्ध हल्दी और पाठा का पंचांग इन तीनों को बराबर- बराबर मात्रा में लेकर एक मिट्टी के बर्तन में रखकर उसके अंदर तीन से चार गिलास पानी मिलाकर आग पर रख दें।  और उसको पकने दें। 

जब वह पक कर आधा पानी रह जाये  तो उसको आग से उतार कर ठंडा होने दें। फिर इसको छानकर इसकी  10 से 20 ml  मात्रा को प्रयोग करें। इससे डायबिटीज में बहुत लाभ मिलता है।  

मधुमेह (डायबिटीज ) को नियंत्रण करने में लाभकारी है सिंघाड़ा 

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

मधुमेह के मरीजों को कच्चे सिंघाड़े का सेवन करना चाहिए। इससे शुगर में लाभ मिलता है। आप चाहे तो इसकी सब्जी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। 

मधुमेह (डायबिटीज ) में परवल के औषधीय गुण से लाभ 

परवल की सब्जी मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है 

मधुमेह (डायबिटीज ) में करी पत्ता (मीठा नीम) का औषधीय गुण है फायेदमंद 

मीठी नीम मधुमेह के रोगियों के लिए प्रकृति की तरफ से दिया गया अनमोल तोहफा है। यह इंसुलिन के ऊपर बहुत अच्छा कार्य करता है अर्थात यह इंसुलिन को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।  इसके अंदर ऐसे तत्व मौजूद रहते हैं।

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

 

इसीलिए कहा जाता है कि मधुमेह के रोगियों को प्रतिदिन सुबह के समय 8 से 10 पत्ते  मीठी नीम के खाली पेट खाना चाहिए। इससे मधुमेह नियंत्रित होता है।  

डायबिटीज (मधुमेह) में एलोवेरा के सेवन से लें फायदा 

250-500 mg  गुडूची सत् (पानी को गर्म कर सुखा कर नीचे बचा हुआ पदार्थ) में 5 gm  एलोवेरा का गूदा मिलाकर सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है। [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

बेंत के औषधीय गुण से मधुमेह (डायबिटीज ) पर नियंत्रण करें 

बेंत के बारे में लोगों को बस इतना ही पता है कि इसकी लड़कियों से फर्नीचर बनाए जाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है ,बेंत के अंदर मधुमेह को कंट्रोल करने का अद्भुत गुण होता है।

 बस इसकी पत्तियों का रस निकालकर दो चम्मच की मात्रा लेकर अगर इसका सेवन किया जाए तो इससे डायबिटीज में आराम मिलता है और हाथ पैरों में होने वाली जलन भी कम होती है। 

ग्रंथो में ऐसा वर्णन है कि अगर मधुमेह में कोई भी औषधि काम ना कर रही हो तो उस स्थिति में बेंत के पत्तों का रस काम  कर जाता है। अतः चिकित्सक के परामर्श से इसका प्रयोग करके इसका लाभ उठाएं।

डायबिटीज (मधुमेह) को नियंत्रित करने के लिए सेब का सेवन है लाभदायक

सब का ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है जो खून के अंदर शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने का काम करता है। इसीलिए डायबिटीज के मरीजों को सब का सेवन करने की सलाह दी जाती है।  

दारुहरिद्रा से डायबिटीज में फायदा लें 

दारू हल्दी मधुमेह को नियंत्रित करने वाली दवाओं में से एक उत्तम दवा है। अगर इसके सत की 500 mg  की मात्रा को सुबह-शाम प्रतिदिन खाना खाने के बाद प्रयोग किया जाता है तो इससे मधुमेह नियंत्रित होने लगता है।

यदि इसको लगातार 90 दिनों तक दोनों समय खाया जाए और उसके अगले 90 दिनों तक एक टाइम खाना खाने के बाद प्रयोग किया जाए तोमधुमेह के जड़ से खत्म होने की संभावना भी बन जाती है। 

इसके अतिरिक्त यदि दारू हल्दी का काढ़ा बनाकर उसका 10 ml -30 ml तक प्रतिदिन सेवन किया जाए तो डायबिटीज के रोग में लाभ मिलता है। 

मधुमेह (डायबिटीज )  के उपचार में लाभकारी है अमलतास का प्रयोग 

यदि अमलतास की पत्तियों के रस का एक चौथाई कप की मात्रा में प्रतिदिन सुबह खाली पेट सेवन किया जाए तो इससे शुगर में फायदा मिलता है।  [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

डायबिटीज के इलाज में फायदेमंद है  सौंफ 

मधुमेह के रोगियों को चाहिए कि खाना खाने के बाद वह प्रतिदिन थोड़ी सी मात्रा में अर्थात एक चम्मच सौंफ का सेवन अवश्य करें।  इससे उनका शुगर नियंत्रित रहता है। 

मधुमेह (डायबिटीज ) की दवा है करेला 

  • अगर शुगर के मरीज यह चाहते हैं कि उनका शुगर जल्दी कंट्रोल हो जाए तो उनको प्रतिदिन चाहिए कि सुबह के समय खाली पेट एक गिलास करेले का जूस अवश्य पिए। 
  • अगर केवल करेले का जूस नहीं पी सकते हैं तो उसके अंदर टमाटर और खीरे का जूस और मिला लें और उसका सेवन करें।  इससे डायबिटीज कंट्रोल हो जाती है।   

 मधुमेह (डायबिटीज )  में लाभकारी है  शलजम 

शलजम की सब्जी वैसे तो सभी के लिए फायदेमंद है।  लेकिन अगर शुगर के मरीज इसका प्रयोग करते हैं तो उनके लिए यह एक रामबाण औषधि की तरह काम करती है।  इसके लिए चाहिए कि वह शलजम को या तो सलाद के रूप में प्रयोग करें या फिर इसकी सब्जी बनाकर खाएं।  

मधुमेह (डायबिटीज ) नियंत्रण करने में सहायक है अलसी के बीज 

अलसी के बीजों के अंदर प्रचुर मात्रा में फाइबर और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो हमारे शरीर के चर्बी और शुगर के अवशोषण में सहायक होता है। इसीलिए यदि सुबह-सुबह खाली पेट अलसी के चूर्ण की एक चम्मच मात्रा एक गिलास गर्म पानी के साथ ली जाए तो यह डायबिटीज के मरीजों को बहुत फायदा देती  है।

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

यह शुगर के मरीजों के शरीर में भोजन करने के बाद बढ़ाने वाले शर्करा की मात्रा को लगभग 28% तक कम कर देता है। जिसे डायबिटीज कंट्रोल में रहता है।  [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज ) की दवा है मेथी 

अगर प्रतिदिन सुबह खाली पेट रात में भिगोए हुए मेथी के दानो को चबाकर खा लिया जाए और उस पानी को पी लिया जाए तो इससे डायबिटीज कंट्रोल होती है।  

डायबिटीज के इलाज में फायदेमंद है जामुन 

शुगर के मरीजों को चाहिए कि अगर उनको जामुन मिलता है तो वह उसके फल को खाएं। 

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

अगर जामुन का फल न मिल पाए तो फिर उसकी गुठलियों को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर रख ले और फिर उस पाउडर की एक चम्मच मात्रा प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास पानी के साथ सेवन करें तो इससे भी डायबिटीज कंट्रोल रहती है।  

डायबिटीज  में लाभकारी है  दालचीनी 

शुगर के मरीजों को चाहिए कि वह प्रतिदिन अपने आहार में एक ग्राम दालचीनी का पाउडर अथवा उसके टुकड़े को खाएं। यह शुगर को कंट्रोल करने में सहायक होती है। 

 आंवले का रस है डायबिटीज में फायदेमंद 

आंवले का रस डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसका भरपूर फायदा लेने के लिए इसको हल्दी के साथ सेवन किया जाता है। इसके लिए दो ग्राम हल्दी पाउडर के साथ 10 ml आंवले के जूस को मिलाकर दिन में दो बार सुबह शाम लेने से डायबिटीज के लक्षणों में कमी आती है और राहत मिलती है। 

मधुमेह (डायबिटीज ) में लाभकारी है ग्रीन टी 

शुगर को कम करने के लिए हाइपोग्लिसेमिक तत्व की जरूरत होती है जो की पॉलिफिनॉल्स के रूप में पाए जाते हैं। ग्रीन टी ऐसा होता है कि उसके अंदर पॉलिफिनॉल्स पाए जाते हैं जिससे यह हमारे ब्लड शुगर को कम करने में सहायक होते हैं। जिसकी वजह से शरीर के अंदर इंसुलिन बेहतर ढंग से काम करता है।  [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

और पढ़ें : कड़वी लौकी से ठीक करें मधुमेह

नीलबदरी है मधुमेह (डायबिटीज ) के इलाज में फायदेमंद 

नीलबदरी, जिसे नीमचंदा भी कहा जाता है, एक औषधीय पौधा है जिसका उपयोग आयुर्वेद में सदियों से मधुमेह के उपचार के लिए किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों में एंथोसाइनिडाइन्स नामक रसायन होते हैं जो चयापचय और ग्लूकोज के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय

नीलबदरी के लाभ:

  • रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है
  • चयापचय को बेहतर बनाता है
  • मूत्र में शर्करा को कम करता है
  • नीलबदरी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो मधुमेह से जुड़ी अन्य जटिलताओं को कम करने में मदद करते हैं।

नीलबदरी का उपयोग कैसे करें:

  • पत्तियों का काढ़ा: नीलबदरी की पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाया जा सकता है। यह काढ़ा दिन में दो बार सुबह और शाम को खाली पेट पीना चाहिए।
  • पत्तियों का चूर्ण: नीलबदरी की पत्तियों को सुखाकर पीसकर चूर्ण बनाया जा सकता है। यह चूर्ण दिन में दो बार एक चम्मच शहद के साथ लिया जा सकता है।
  • कैप्सूल: नीलबदरी के कैप्सूल भी बाजार में उपलब्ध हैं। इन कैप्सूलों को डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक के अनुसार लिया जा सकता है।

ध्यान दें:

  • नीलबदरी का उपयोग गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नहीं करना चाहिए।
  • नीलबदरी का उपयोग अन्य दवाओं के साथ करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सहजन का उपयोग है मधुमेह (डायबिटीज ) में लाभकारी 

शुगर से बचने के लिए शुगर के मरीजों को सहजन की पत्तियों का साग बना कर खाना चाहिए अथवा इसके फल की सब्जी बनाकर खाना चाहिए।  दोनों ही शुगर में फायदेमंद होते हैं। [डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय]

मधुमेह (डायबिटीज ) को नियंत्रण करने में फायदेमंद है नीम

प्रयोग १.

अगर प्रतिदिन सुबह में 10 ml नीम के पत्ते के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करते हैं तो इससे डायबिटीज कंट्रोल होने लगती है। 

प्रयोग २.

200 ग्राम नीम के हरे पत्तों को दरदरा कूट लें और उसको  500 ग्राम घी के साथ पकाएं।  जब नीम के पत्ते जलकर काले पड़ जाए तो फिर घी को आग से उतार लें

और नीम के पत्तों को छानकर घी से अलग कर दें।  अब उस घी का यदि प्रतिदिन सेवन करें तो शुगर कंट्रोल होने लगती है। 

प्रयोग ३.

अगर सुबह-सुबह प्रतिदिन ब्रश करने के बाद खाली पेट नीम के कोमल 8 -10 पत्ते लेकर चबाकर खाया जाए तो उससे भी शुगर में फायदा पहुंचता है। 

और पढ़ें : गुणों का खजाना नीम

डायबिटीज को 100 प्रतिशत ठीक करने के घरेलू उपाय-FAQ-


क्या शुगर की बीमारी जड़ से खत्म हो सकती है?

नहीं। इसको जड़ से समाप्त तो नहीं किया जा सकता है। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक तरीकों से और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इसको 100 % कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।

कौन सा मधुमेह ज्यादा खतरनाक है?

टाइप 1 डायबिटीज टाइप 2 के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है।

चेतावनी :

  • बिना डॉक्टर की सलाह के शुगर की दवा न लें।
  • मधुमेह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए टेस्ट करवाएं।
  • इस लेख में दी गयी समस्त जानकारी आयुर्वेद के प्रति जागरूकता के लिए है। 
  • मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

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