परिचय
बलारिष्ट के महत्वपूर्ण फायदे ,नुकसान और लेने की विधि : दोस्तों आज टेक्नोलॉजी का जमाना है। इस टेक्नोलॉजी ने मनुष्यों की जिंदगी को बहुत ही आसान बना दिया है। जिससे आज काम बहुत कम शारीरिक परिश्रम के जल्दी पूरा हो जाता है।
लेकिन दोस्तों इस सकारात्मक पहलु के साथ साथ इसके नकारात्मक पहलु भी हैं। जो कि हमारी बिमारियों के रूप में सामने आते हैं। कम शारीरिक परिश्रम करने के कारण आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति शरीर में ताकत की कमी , हाथ पैर की नसों की कमजोरी , कमर दर्द , स्लिपडिस्क जैसी बिमारियों से पीड़ित है।
लेकिन दोस्तों घबराने की जरुरत नहीं है। क्योंकि हर समस्या का एक समाधान जरूर होता है। बस हमें उसको खोजने की जरुरत होती है। उस समाधान का नाम बलारिष्ट है। इसका वर्णन भैषज्य रत्नावली वातव्याधि 569 -572 में किया गया है।
जी हाँ दोस्तों बलारिष्ट बड़ा ही चमत्कारिक आयुर्वेदिक सिरप है। जब आप इसके गुणों के बारे में जानेंगे तो आप इसे चमत्कारिक ही बोलेंगे। दोस्तों जैसा की इसके नाम से ही पता चल रहा है कि यह एक बल देने वाला अरिस्ट है अर्थात बल देने वाला आयुर्वेदिक सिरप है।
इसमें “बाला” नाम की जड़ी-बूटी मुख्य घटक के रूप में होती है। तो चलिए दोस्तों अब हम बलारिष्ट के महत्वपूर्ण फायदे ,नुकसान और लेने की विधि के बारे में विस्तार से बात करतें हैं। आप लोग इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़िए। हम आशा करते हैं की यह लेख आप लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा।

बलारिष्ट के मुख्य घटक
- बाला
- अश्वगंधा
- एरंडी मूल
- छोटी इलायची
- लौंग
- बलाईकंद (विदारीकंद)
- धातकी (धाय फूल )
- सुगंधा (फर)
- राजबला (गंधप्रासरिणी)
- खस (उशीरा)
- गोखरू (गोक्षुरा)
- गुड़
- शहद
- पानी
बलारिष्ट के फायदे
हड्डी और मांसपेशियों की कमजोरी दूर करे

जिन लोगों को हड्डी और मांसपेशियों की कमजोरी की समस्या हो गई हो उन लोगों को बलारिष्ट का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से हड्डी और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। जिससे शरीर के अंदर शक्ति का अनुभव होता है।
धातु क्षीणता से होने वाली कमजोरी को दूर करे
अत्यधिक हस्तमैथुन करने के कारण शरीर से धातु क्षीण हो जाता है। जिसके कारण शरीर के अंदर बहुत ज्यादा कमजोरी उत्पन्न हो जाती है।
इस समस्या को खत्म करने के लिए बलारिष्ट का सेवन अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो सकता है। क्योंकि धातु क्षीणता के कारण होने वाली कमजोरी को दूर करने में बलारिष्ट काफी कारगर होता है।
स्लिपडिस्क को ठीक करने में मदद करता है

जिन लोगों का वात बिगड़ जाता है , उन लोगों को वात रोग जैसे साइटिका , स्लिप डिस्क , कमर दर्द , जोड़ों का दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
ऐसे में बलारिष्ट का सेवन बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकता है क्योंकि बलारिष्ट एक वात नाशक औषधि है। अगर चिकित्सक के परामर्श के अनुसार सही विधि से इसका प्रयोग किया जाए तो स्लिप डिस्क की समस्या समाप्त हो सकती है।
हाथ-पैर को ठंडा नहीं पड़ने देती है
जिन लोगों को हाथ पैर ठंडे पड़ जाने की समस्या होती है उनको बलारिष्ट का सेवन करना चाहिए। यह इस समस्या को जड़ से समाप्त करने में सहायता करता है। [बलारिष्ट के महत्वपूर्ण फायदे ,नुकसान और लेने की विधि]
सर्दी खांसी में लाभदायक है
मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी- खांसी , जुकाम इन सब को दूर करने में भी बलारिष्ट का सेवन किया जा सकता है।
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शरीर को ताकत देता है
कुछ लोगों का शरीर इतना कमजोर हो जाता है कि वह थोड़ा बहुत भी वजन नहीं उठा पाते हैं। क्योंकि उनके शरीर की ताकत पूरी तरीके से खत्म हो चुकी होती है।
इस समस्या को खत्म करने में बलारिष्ट काफी लाभदायक होता है। यह शरीर को ताकत देता है। जो लोग थोड़ा बहुत ही वजन नहीं उठा पाते हैं उनको इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
टी.बी से होने वाली कमजोरी दूर होती है
जब कोई वयक्ति टी.बी रोग से पीड़ित हो जाता है तो उसका शरीर बहुत कमजोर हो जाता है और उसका वजन भी काफी कम हो जाता है।
ऐसे में अगर मरीज को बलारिष्ट का सेवन करे तो धीरे धीरे उसका वजन बढ़ने लगता है और उसकी कमजोरी भी दूर होने लगती है।
नसों का चढ़ना ठीक करता है
कई बार ऐसा होता है कि कोई सो कर उठता है या बैठ कर उठता है तो उसकी नस चढ़ जाती है। जिसे चिलक आना भी कहते हैं। ऐसा होने पर प्रभावित जगह पर नस में बहुत ज्यादा दर्द होता है।
ऐसे में बलारिष्ट का प्रयोग करने से बहुत फायदा मिलता है। अर्थात बलारिष्ट नसों का चढ़ना ठीक करता है।
लकवा ग्रस्त के लिए टॉनिक है बलारिष्ट

अगर कोई वयक्ति लकवाग्रस्त है अथवा अर्थराइटिस से पीड़ित होता है तो उसकी नसे कमजोर हो जाती हैं। ऐसे मरीजों के लिए बलारिष्ट एक टॉनिक की तरह काम करता है।
क्योंकि बलारिष्ट नसों की कमजोरी को दूर कर उनको ताकत देता है।
पेशाब की परेशनी दूर करता है
जिन लोगों को पेशाब रुक रुक कर आती हो , या पेशाब काम आती हो या पेशाब करने में जलन या दर्द होता हो तो ऐसे में बलारिष्ट का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
ह्रदय को मजबूती देता है

जिन लोगो का हृदय कमजोर हो जाता है उन लोगो से थोड़ा बहुत भी शोर बर्दास्त नहीं हो पता है। जब ऐसे लोग ज्यादा शोर में जाते हैं तो उनका दिल जोर से धड़कने लगता है या ये कहे कि उनकी हार्ट बीट बढ़ जाती है।
ऐसे लोगों के लिए बलारिष्ट रामबाण औषिधि की तरह काम कर सकती है। क्योंकि बलारिष्ट हृदय को ताकत देने का काम करता है और ब्लड प्रेशर को ठीक करता है। [बलारिष्ट के महत्वपूर्ण फायदे ,नुकसान और लेने की विधि]
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आलस्य और थकान दूर करता है
जिन लोगों का किसी भी काम में मन नहीं लगता है। हर समय आलस्य और थकान मासूस होता है। दिन भर नींद आती रहती है। ऐसे लोगो के लिए बलारिष्ट का प्रयोग बहुत उपयोगी होता है।
और पढ़ें : थकान दूर करे अश्वगंधारिष्ट
पाचन शक्ति बढ़ाता है

बलारिष्ट के अंदर राजबला भी घटक के रूप में मिला होता है। जो पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है।
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भूलने की बीमारी में है फायदेमंद
जिन लोगो को भूलने की बिमारी है। जिनकी यादाश्त कमजोर है। उनको बलारिष्ट का सेवन करना चाहिए। क्योंकि ये मानसिक कमजोरी को दूर करता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करता है
जिन लोगो का सम्भोग क्रिया के दौरान टाइमिंग बहुत कम हो गया है। जो जल्दी स्खलित हो जाते है , उनके लिए बलारिष्ट बहुत फायदेमंद होती है। क्योकि ये इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करने का काम करती है।
हटी नाभि को ठीक करता है
जिन लोगों की नाभि बार बार हैट जाती है , उन लोगो को बलारिष्ट का सेवन करना चाहिए।
बलारिष्ट को लेने की विधि और खुराक
वयस्क और बुजुर्गों –
अधिकतम मात्रा: 25-30 ml
खाने के बाद या पहले: आधा घंटा बाद
लेने का तरीका: बराबर मात्रा में गुनगुना पानी
कितनी बार लेनी है : सुबह – शाम
दवा लेने की अवधि: क्योंकि यह एक निरापद औषधि (टॉनिक)है। इसीलिए इसे लम्बे समय तक (6 महीने तक) लिया जा सकता है।
बलारिष्ट के नुकसान
वैसे तो इसके कोई खास नुकसान के बारे में नहीं पता चला है। लेकिन फिर भी अगर इसका खुराक से ज्यादा मात्रा का सेवन किया जाए तो चक्कर आना, उल्टी आना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।
बलारिष्ट के महत्वपूर्ण फायदे ,नुकसान और लेने की विधि-FAQ –
बालारिष्ट पीने से क्या फायदे हैं?
- हड्डी और मांसपेशियों की कमजोरी दूर करे
- धातु क्षीणता से होने वाली कमजोरी को दूर करे
- स्लिपडिस्क को ठीक करने में मदद करता है
- हाथ-पैर को ठंडा नहीं पड़ने देती है
- सर्दी खांसी में लाभदायक है
- शरीर को ताकत देता है
- टी.बी से होने वाली कमजोरी दूर होती है
- नसों का चढ़ना ठीक करता है
- लकवा ग्रस्त के लिए टॉनिक है बलारिष्ट
- पेशाब की परेशनी दूर करता है
- ह्रदय को मजबूती देता है
- आलस्य और थकान दूर करता है
- पाचन शक्ति बढ़ाता है
- भूलने की बीमारी में है फायदेमंद
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करता है
- हटी नाभि को ठीक करता है
क्या बलारिष्टम में अल्कोहल होता है?
आयुर्वेदिक फार्मूलरी ऑफ इंडिया, भाग II (एएफआई) में निर्धारित मात्रा के अनुसार इसमें 5 % से ज्यादा और 10 % से कम अल्कोहल पाया जाता है। जो प्राकृतिक अल्कोहल होता है और हमारे शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है। इससे किसी प्रकार का नशा नहीं होता है।
क्या बालारिष्ट मधुमेह के लिए अच्छा है?
बलारिष्ट में घटक के रूप में गुड़ और शहद मिला हुआ रहता है। जिसकी वजह से यह मीठा होता है। इसलिए यह मधुमेह के रोगियों के लिए सुरक्षित नहीं होता है। इसको प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना मधुमेह के रोगियों के लिए जरूरी होता है।
चेतावनी
इस लेख में दी गई समस्त जानकारी केवल आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए है। इसका प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।