पीरियड्स में क्यों जरूरी है सही डाइट?
आयुर्वेद के अनुसार, पीरियड्स शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया है। इस दौरान गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत और विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। लेकिन आजकल परोठे, पिज़्ज़ा, समोसे जैसे भारी खाने की आदतों से यह प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे पीसीओडी, हार्मोनल असंतुलन, और मोटापा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीरियड्स के दौरान इन 5 चीजों से करें परहेज:
पका हुआ भोजन (रोटी, चावल, परांठे):
- पाचन तंत्र इस समय कमजोर होता है। पके भोजन को पचाने में ऊर्जा खर्च होती है, जो डिटॉक्स प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
दूध और डेयरी उत्पाद:
- दूध से बनी चीजें कफ बढ़ाती हैं, जिससे पेट में सूजन और ऐंठन हो सकती है।
तली-भुनी चीजें (पकोड़े, टिक्की, बर्गर):
- ये शरीर में गर्मी बढ़ाकर ब्लड फ्लो को अनियंत्रित करती हैं।
मीठा (हलवा, मिठाई):
- अधिक मीठा खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है और मूड स्विंग्स होते हैं।
कैफीन (चाय, कॉफी):
- यह डिहाइड्रेशन और एंग्जाइटी को ट्रिगर कर सकता है।
क्या खाएं? पीरियड-फ्रेंडली डाइट चार्ट
- फ्रूट्स और जूस: अनार, सेब, संतरा, नारियल पानी।
- सलाद: ककड़ी, टमाटर, पालक (हल्का नमक डालकर)।
- सूप: मूंग दाल का सूप या वेजिटेबल सूप।
- ड्राई फ्रूट्स: भीगे हुए बादाम, किशमिश।
(टिप: खाना हल्का और कच्चा रखें ताकि शरीर डिटॉक्स पर फोकस कर सके)
पीसीओडी से बचाव के लिए आयुर्वेदिक डिटॉक्स टिप्स
- ऑयल पुलिंग विधि:
- सुबह खाली पेट 1 चम्मच तिल का तेल मुंह में लेकर 10 मिनट तक घुमाएं।
- फिर गुनगुने पानी से कुल्ला करें। यह मुंह के बैक्टीरिया और लीवर के टॉक्सिन्स दोनों को साफ करता है।
- लीवर क्लीन्ज डाइट:
- 6 दिन तक: फल, सलाद, और नारियल पानी पर रहें।
- 7वें दिन: 150ml ऑलिव ऑयल + संतरे का जूस मिलाकर पिएं। इससे गॉलब्लैडर स्टोन तक निकल जाते हैं।
क्यों जरूरी है यह डिटॉक्स?
- पीरियड्स के दौरान प्राकृतिक डिटॉक्स को बढ़ावा देता है।
- हार्मोन्स संतुलित होते हैं, जिससे पीसीओडी, अनियमित पीरियड्स, और चेहरे पर अनचाहे बालों की समस्या कम होती है।
- शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।
पीरियड्स में इन 3 बातों का रखें ध्यान:
- भारी एक्सरसाइज न करें: योग और वॉक करें।
- गर्म पानी से नहाएं: दर्द और ऐंठन में आराम मिलेगा।
- पेट के बल न सोएं: इससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है।
निष्कर्ष: प्रकृति का सम्मान करें, सेहत पाएं
पीरियड्स को “अशुद्ध” मानने की बजाय, इसे शरीर की सफाई का समय समझें। अगर आप पीरियड्स में हल्का भोजन, आराम, और डिटॉक्स को प्राथमिकता देंगी, तो लंबे समय तक स्वस्थ रहेंगी।(सावधानी: गंभीर समस्याओं में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)